छाया और झूठ से बनी दुनिया में, जहाँ सपने दरारों के बीच गुम हो जाते हैं, एक लड़की सहती है। यह शहर धूसर ग़म में लिपटा हुआ है, अपने ही बनाए मुखौटे के पीछे छुपाकर। यहाँ, स्वतंत्रता सबसे क्रूर भ्रम है।